कोई सैलाब दफ़्न दिल में तेरे

2212 1212 221

कोई   रिश्ता   यक़ीन  जोड़ा जाये ।
गुल  किसी  शाख़  से न तोड़ा जाये।

उसको फु़रसत  नही  है अपने ग़म से,
ध्यान उसका कहीं और भी मोड़ा जाये ।

ज़िंदगी   रेस   की   तरह  लगती  है ,
साथ किसको लें किसको छोड़ा जाये ।


ख़ाक   हो   दिल   लगाव  छूटे अगर ,
सबसे    पहले   गु़रूर   छोड़ा   जाये ।

एक   सैलाब   दफ़्न   दिल   में   तेरे,
लफ्ज़  की  शक्ल  में  निचोड़ा  जाये।

Comments

Popular posts from this blog

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना...उत्तर प्रदेश के लिए आवेदन करने में जरूरी बाते, समस्या और समाधान क्या है ❓️..आइये जानते हैं❗️

डिप्रेशन की मानसिक समस्या से छुटकारा पाने की अनमोल टिप्स....आइये जानते हैं।

शिव रात्रि पर्व पर विशेष...शिव-शक्ति से सीखिए बच्चों की परवरिश का सही तरीका।