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मृत्यु के बाद आधार कार्ड निष्क्रिय कैसे करें...आइये जानते हैं।

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मृत्यु के बाद आधार कार्ड निष्क्रिय कैसे करें | Deactivate Aadhaar Card After Death 2026 मृतक के आधार कार्ड को बंद करना उनकी पहचान की चोरी और बैंक खातों के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए आवश्यक है। आवश्यक दस्तावेज ⤵️ दस्तावेज विवरण ⬇️ मृत्यु प्रमाण पत्र डेथ रजिस्ट्रेशन नंबर (DRN) होना अनिवार्य है.. फाइल फॉर्मेट PDF या JPG (अधिकतम 2MB) लॉगिन परिवार के सदस्य का आधार + मोबाइल OTP   प्रक्रिया ⬇️ स्टेप 1️⃣ लॉगिन करें ⬇️   myaadhaar.uidai.gov.in पर जाएं और अपने आधार से लॉगिन करें। स्टेप 2️⃣ सर्विस चुनें ⬇️ मेनू से "Report Death of a Family Member" विकल्प चुनें। स्टेप 3️⃣ विवरण और अपलोड ⬇️ मृतक का आधार नंबर और मृत्यु प्रमाण पत्र की जानकारी भरें। सर्टिफिकेट अपलोड करें और सबमिट करें। सूचना ⤵️ नोट: ➡️ इस ब्लॉग पर प्रकाशित सभी सामग्री Google सर्च और सोशल मीडिया से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। पाठकों से अनुरोध है कि वे किसी भी प्रकार के भ्रम से बचने के लिए संबंधित जानकारी की स्वयं पुष्टि करें। कृपया ध्यान दें कि, इन सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के उपयोग से उत्पन्न किसी भ...

उत्तर प्रदेश में संविदा कर्मियों का आर्थिक, समाजशास्त्रीय, नीतिगत विश्लेषण...।

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उत्तर प्रदेश में संविदा कर्मियों की आर्थिक स्थिति और मानदेय संरचना: एक समाजशास्त्रीय एवं नीतिगत विश्लेषण...। संविदा कर्मचारी क्या है? संविदा कर्मचारी वे व्यक्ति होते हैं जिन्हें एक निश्चित समयावधि या किसी विशिष्ट परियोजना पर काम करने के लिए एक निश्चित शुल्क मिलता है। कंपनियाँ इन प्रकार के कर्मचारियों को स्वतंत्र अनुबंधित कर्मचारी भी कह सकती हैं। अनुबंधित कर्मचारी, फ्रीलांसर या काम के बदले काम करने वाले कर्मचारी। अनुबंध रोजगार अक्सर एक निश्चित अवधि के लिए या किसी परियोजना के पूरा होने तक होता है। यह पूर्णकालिक या स्थायी रोजगार से इस प्रकार भिन्न है:  कार्यकाल: अनुबंध भूमिकाएँ अस्थायी होती हैं, आमतौर पर एक निश्चित प्रारंभ और समाप्ति तिथि के साथ । सारांश (Abstract) प्रस्तुत शोध पत्र उत्तर प्रदेश राज्य में संविदा आधारित कार्यरत शिक्षा मित्र, अनुदेशक, पंचायत सहायक और अन्य संविदा कर्मियों की आर्थिक स्थिति, मानदेय संरचना और सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों का व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। यह अध्ययन 2025 तक के नवीनतम आंकड़ों के आधार पर संविदा कर्मियों की जीवन स्थिति, सरकारी नीति...

Gen-Z क्या है ? इसे सोशल मीडिया की लत क्यों है? आइये जानते हैं...।

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Gen-Z क्या है ? इसे सोशल मीडिया की आदत या लत क्यों है? एक्सपर्ट ने बताई ये वजह और इसके डराने वाले साइड इफेक्ट्स भी.... आइये जानते हैं। जैसा कि हम सबको मालूम है कि  बीते कई दिनों से नेपाल लगातार चर्चा में बना हुआ है। दरअसल यहां सोशल मीडिया एप्स पर सरकार की तरफ से लगाए गए बैन के बाद से ही युवा, खासकर Gen-Z आक्रोश से भर गया है तो आइये जानते हैं कि ये Gen-Z है क्या? और इस जेन-जी को सोशल मीडिया की लत क्यों है?   Generation अर्थात्‌ मानव जाति की विभिन्न पीढ़ियों का अपने जन्म वर्ष के अनुसार सम सामयिक विभाजन करके विभिन्न नामकरण किया गया है जो कि इस तरह से है... Gen- L ( Last Generation) -1883 -1990 Gen- G (Greatest Generation) -1990-1927 Gen- S ( Silent Generation) - 1928-1945 GEN-B B ( Baby Boomers Generation) - 1946-1980 Gen- X ( Generation X ) -1965 -1980 Gen- Y 1981 - 1995 Gen-Z 1996 -2010 Gen- ( Alfa Eye Generation ) - 2010 -2024 दरअसल वर्ष 1996 से लेकर 2010 के बीच की जनरेशन Z कहलाएगी जैसा कि हम सबने विगत समय में दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के माध्यम से जाना ही ह...