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सकट चौथ (लम्बोदर संकष्टी) – 6 जनवरी 2026 के लिए विशेष मार्गदर्शन

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 सकट चौथ (लम्बोदर संकष्टी) – 6 जनवरी 2026 के लिए विशेष मार्गदर्शन  6 जनवरी 2026, मंगलवार को कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि पर सकट चौथ / लम्बोदर संकष्टी मनाई जाएगी। यह तिथि विशेष रूप से संतानों के दीर्घायु, स्वास्थ्य और विघ्न नाश के लिए श्री गणेश जी की उपासना का दिन मानी जाती है। धनु राशि का सूर्य और कर्क से सिंह में गतिमान चन्द्र मन–दिमाग, घर–परिवार और मान–सम्मान पर विशेष प्रभाव देगा, इसलिए व्रत और साधना दोनों का फल तेज़ी से दिख सकता है। 🔹 पूजन विधि (संक्षेप में)  प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर व्रत का संकल्प लें – विशेषकर संतान, स्वास्थ्य और विघ्न नाश के लिए। घर के पूजा स्थान या उत्तर–पूर्व (ईशान) में श्री गणेश जी की मूर्ति/चित्र स्थापित करें; दीपक, धूप, अक्षत, दूर्वा, लाल पुष्प और मोदक/लड्डू अवश्य रखें।  “ ॐ गं गणपतये नमः ” या “ संकट नाशन गणेश स्तोत्र ” का जप करें; कम से कम 11, 21 या 108 बार जप का संकल्प ले सकते हैं। चन्द्र उदय के बाद चन्द्रमा को शुद्ध जल, थोड़ी सी दुर्वा/अक्षत और दूध–शक्कर मिश्रित अर्घ्य दें, फिर व्रत खोलें। सकट चौथ की कथा सुनना/पढ़...

पनीर क्रिस्पी रेसिपी | रेस्टोरेंट स्टाइल घर पर....बनाइए।

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🧀 पनीर क्रिस्पी रेसिपी | रेस्टोरेंट स्टाइल घर पर.... कुछ क्रिस्पी, चटपटा और रेस्टोरेंट-स्टाइल खाने का मन है? यह पनीर क्रिस्पी रेसिपी एक परफेक्ट स्टार्टर है – बाहर से कुरकुरा, अंदर से सॉफ्ट और भरपूर फ्लेवर के साथ। इसे शेज़वान सॉस या पुदीने की चटनी के साथ सबसे अच्छा परोसा जाता है। तैयारी का समय  तैयारी समय: 15 मिनट पकाने का समय: 10 मिनट कुल समय: 25 मिनट सामग्री ➡️ पनीर कोटिंग के लिए  पनीर क्यूब्स – 200 ग्राम कॉर्नफ्लोर – 3 टेबलस्पून मैदा – 2 टेबलस्पून अदरक-लहसुन पेस्ट – 1 टीस्पून लाल मिर्च पाउडर – 1 टीस्पून काली मिर्च पाउडर – ½ टीस्पून नमक – स्वादानुसार पानी – आवश्यकतानुसार ➡️ तलने के लिए  तेल – डीप फ्राई करने के लिए ➡️ टॉस करने के लिए (वैकल्पिक लेकिन स्वाद बढ़ाने के लिए)  तेल – 1 टेबलस्पून लहसुन (बारीक कटा हुआ) – 1 टीस्पून हरी मिर्च (कटी हुई) – 1 प्याज के पंखुड़ी – ¼ कप शिमला मिर्च के टुकड़े – ¼ कप सोया सॉस – 1 टीस्पून चिली सॉस – 1 टीस्पून टमाटर केचप – 1 टेबलस्पून विधि   स्टेप 1️⃣ – बैटर तैयार करें एक बाउल में कॉर्नफ्लोर, मैदा, अदरक-लहसुन पेस्ट,...

दीपावली पर्व 2025....मां लक्ष्मी एवं श्री गणेश जी के पूजन के साथ ही पितृदोष से मुक्ति के उपाय जानिए....।

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दीपावली का त्योहार अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस दिन कुछ विशेष कार्य करके आप पितृदोष दूर कर सकते हैं और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देंगे। दीपावली का त्योहार हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस दौरान लक्ष्मी पूजन, गणेश पूजन से तो लाभ मिलता ही है साथ ही कुछ विशेष कार्य करके इस दिन आप पितरों का आशीर्वाद भी प्राप्त कर सकते हैं। दिवाली अमावस्या के दिन मनाई जाती है और अमावस्या को पितरों को समर्पित तिथि के रूप में भी देखा जाता है। ऐसे में आइए जान लेते हैं कि पितरों को प्रसन्न करने के लिए आपको कार्तिक अमावस्या या दिवाली के दिन क्या-क्या काम करने चाहिए ? गंगा किनारे या पीपल तले करें ये उपाय अगर आपके जीवन में परेशानियां चली आ रही हैं, बनते काम बिगड़ते हैं, तो इसका कारण पितृदोष हो सकता है। इसे दूर करने के लिए दिवाली की शाम आपको गंगा नदी के किनारे या फिर किसी पीपल के पेड़ तले 16 दीपक पितरों को याद करते हुए जलाने चाहिए। ऐसा माना जाता है कि, यह उपाय करने से पितरों की आत्मा तृप्त होती है। उनको शांति मि...

पारिजात वृक्ष - कल्प वृक्ष

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पारिजात वृक्ष  *********** सबसे अप्रत्याशित स्थानों में एक दुर्लभ वृक्ष है। मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय निकले बहुमूल्य रत्नों में एक ये वृक्ष भी था, पारिजात नाम है इसका,इसे ही कल्पवृक्ष भी कहा गया है...।  पूरी रात सुगंध बिखेरता पारिजात,भोर होते ही अपने सभी फूल पृथ्वी पर बिखेर देता है! अलौकिक सुगंध से सराबोर इसका पुष्प केवल मन को ही प्रसन्न नहीं करता, अपितु तन को भी शक्ति देता है ! एक कप गर्म पानी में इसका फूल डालकर पियें, अद्भूत ताजगी मिलेगी....।  यह पश्चिम बंगाल का राजकीय पुष्प है....। इसके नीचे बैठने, या छूने मात्र से थकान दूर हो जाती है और नई ऊर्जा का संचार होता   एक मान्यता के अनुसार परिजात वृक्ष की उत्पत्ति समुन्द्र मंथन से हुई थी, जिसे इन्द्र ने अपनी वाटिका में रोप दिया था!  यह वृक्ष एक हजार से पांच हजार वर्ष तक जीवित रह सकता है, पारिजात वृक्ष के वे ही फूल उपयोग में लाए जाते है, जो वृक्ष से टूटकर गिर जाते है, यानि वृक्ष से फूल तोड़ने की पूरी तरह मनाही है!  यह वृक्ष आसपास लगा हो खुशबू तो प्रदान करता ही है, साथ ही नकारात्मक उर्जा को भी भगाता है...

खांसी से राहत के लिए ये 8 आयुर्वेदिक उपाय...।

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आप  अपने बच्चे को अगर नही देना चाहते Cough Syrup, तो खांसी से राहत के लिए ये 8 आयुर्वेदिक उपाय...। हाल ही में देश के कई राज्यों में Cough Syrup से बच्चों की मौत की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर कफ सिरप सुरक्षित नहीं है तो आखिर खांसी का इलाज कैसे करें? जानिए कि प्रकृति ने हमें कुछ ऐसे असरदार आयुर्वेदिक उपाय दिए हैं जो कि न सिर्फ सुरक्षित हैं बल्कि बच्चों की खांसी को जड़ से खत्म करने में भी मदद कर सकते हैं। खांसी की समस्या होने पर अक्सर माता-पिता बच्चों को तुरंत राहत देने के लिए कफ सिरप का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन हाल ही में कुछ राज्यों में कफ सिरप के कारण बच्चों की मौत की खबरें सामने आई हैं (Cough Syrup Controversy), जो कि बेहद चिंताजनक हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हमें बच्चों को कोई भी दवा देने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। कफ सिरप में कुछ ऐसे तत्व हो सकते हैं जो बच्चों के लिए हानिकारक होते हैं, खासकर जब उनका सही तरीके से इस्तेमाल न किया जाए। इस बीच, अगर आप अपने बच्चे को बिना किसी साइड इफेक्ट के खांसी से आराम दिलाना चाहते हैं, तो आप कुछ आसान आयुर्वेदिक उपायो...

पंच तत्वों की साधना

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पंच तत्वों की साधना _________________ पंच तत्वों के द्वारा इस समस्त सृष्टि का निर्माण हुआ है। मनुष्य का शरीर भी पाँच तत्वों से ही बना हुआ है। इन तत्वों का जब तक शरीर में उचित भाग रहता है तब तक स्वस्थता रहती है। जब कमी आने लगती है तो शरीर निर्बल, निस्तेज, आलसी, अशक्त तथा रोगी रहने लगता है।  स्वास्थ्य को कायम रखने के लिए यह आवश्यक है कि तत्वों को उचित मात्रा में शरीर में रखने का हम निरंतर प्रयत्न करते रहें और जो कमी आवे उसे पूरा करते रहें। नीचे कुछ ऐसे अभ्यास बताये जाते हैं जिनको करते रहने से शरीर में तत्वों की जो कमी हो जाती है उसकी पूर्ति होती रह सकती है और मनुष्य अपने स्वास्थ्य को अच्छा बनाये रहते हुए दीर्घ जीवन प्राप्त कर सकता है। पृथ्वी तत्व: पृथ्वी तत्व में विषों को खींचने की अद्भुत शक्ति है। मिट्टी की टिकिया बाँध कर फोड़े तथा अन्य अनेक रोग दूर किये जा सकते हैं। पृथ्वी में से एक प्रकार की गैस हर समय निकलती रहती है। इसको शरीर में आकर्षित करना बहुत लाभदायक है। प्रतिदिन प्रातःकाल नंगे पैर टहलने से पैर और पृथ्वी का संयोग होता है। उससे पैरों के द्वारा शरीर के विष खिच कर ...

रात्रि भोजन सही अथवा गलत ❓️आइए विस्तारपूर्वक जानते हैं..।

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रात्रि भोजन गलत कैसे ? ================ हम सबने देखा होगा कि सूर्य की पहली किरणों से सूर्यमुखी और कमल जैसे पुष्‍प खिलते हैं.. और सूर्यास्त के साथ वापस वो पुष्‍प की पंखुड़ियां अपने आप बन्द हो जाती हैं…। क्या इस प्रक्रिया का इंसान के साथ कुछ सम्बंध है ? जी हाँ...  जैसे सूर्यमुखी की पंखुड़ियां सूर्य की उपस्थिति में खुलती है, वैसे ही हमारा जठर (आमाशय) का छोटा-सा मुँह भी खुल जाता है और सूर्यास्त होने के बाद वो अपने आप सिकुड़ जाता है…।  वैज्ञानिक और वैद कहते है, भोजन पचाने के लिये जरूरी ऑक्सीजन सूर्य की उपस्थिति से मिलता है। रात को लोग सोते क्यों हैं ? रात को सुस्ती क्यों आती हैं? रात को डर क्यों लगता हैं ? रात को कौन से जानवर शिकार के लिये बाहर निकलते हैं ? उल्लू ? बिल्ली ? कुत्ते ? भेड़िये ? जंगली जानवर? रात को ही काले काम क्यों होते हैं ?जैसे की चोरी, मार-काट....। रात को ही भूत – प्रेत जैसी बुरी शक्तियाँ क्यों महसूस होती है ? रात को ही आवारा, मक्कार और गन्दे लोग क्यू दिखाई देते है ?? उपर के कुछ सवालो से महसूस किया जाता है की … रात सोने लिये है.. हर प्राणी और जानवर नई उर्जा पाने ...