1अप्रैल 2026 से ऑनलाइन बैंकिंग, UPI और OTP से जुड़े कुछ सुरक्षा नियम बदल जा रहे...जानिए कौन से नियम हैं।
1अप्रैल 2026 से ऑनलाइन बैंकिंग, UPI और OTP से जुड़े कुछ सुरक्षा नियम बदल जा रहे हैं।
यह बदलाव भारत के केंद्रीय बैंक Reserve Bank of India (RBI) के नए निर्देशों के तहत किए जा रहे हैं ताकि डिजिटल पेमेंट और ज्यादा सुरक्षित हो सकें।
1 अप्रैल 2026 से मुख्य बदलाव...⤵️
1️⃣ दो-स्तरीय सुरक्षा (Two-Factor Authentication) अनिवार्य
अब हर डिजिटल पेमेंट (UPI, इंटरनेट बैंकिंग, कार्ड आदि) में कम से कम 2 अलग-अलग तरीके से पहचान की पुष्टि करनी होगी।
उदाहरण के तौर पर:
OTP + PIN
पासवर्ड + OTP
PIN + फिंगरप्रिंट
फेस रिकग्निशन + OTP
इनमें से कम से कम एक तरीका हर ट्रांजैक्शन में नया (dynamic) होना चाहिए।
2️⃣ केवल SMS OTP पर निर्भरता कम होगी
अब बैंक और पेमेंट ऐप OTP के अलावा दूसरे तरीके भी इस्तेमाल कर सकेंगे, जैसे:
फिंगरप्रिंट
फेस पहचान
ऐप-आधारित पासकोड
हार्डवेयर / सॉफ्टवेयर टोकन
इससे OTP चोरी या SIM स्वैप जैसे फ्रॉड कम होंगे।
3️⃣ संदिग्ध ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त जांच
अगर बैंक को लगे कि कोई लेन-देन असामान्य है (जैसे नई लोकेशन या नया फोन), तो:
अतिरिक्त OTP
ऐप नोटिफिकेशन
दूसरी पहचान सत्यापन
मांगा जा सकता है।
4️⃣ धोखाधड़ी होने पर बैंक की जिम्मेदारी बढ़ेगी
अगर बैंक ने सुरक्षा नियम सही से लागू नहीं किए और ग्राहक को नुकसान हुआ तो बैंक को मुआवजा देना पड़ सकता है।
✅ सरल भाषा में:
OTP खत्म नहीं होगा
लेकिन OTP के साथ दूसरी सुरक्षा भी जरूरी होगी
कुछ ऐप में फिंगरप्रिंट या फेस से पेमेंट भी बढ़ सकते हैं...।
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