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अचानक फड़कने लगती हैं आँखें...जानिए क्यों ❓

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 अचानक फड़कने लगती हैं आँखें, जानिए क्यों ? Eye Twitching Vitamin Deficiency:  भारतीय समाज में आंख फड़कना अक्सर शुभ या अशुभ संकेत माना जाता है. दाईं आंख फड़के तो अच्छा समझा जाता है और बाईं आंख फड़के तो लोग चिंता करने लगते हैं. लेकिन आंख फड़कने का विज्ञान से भी कोई संबंध हो सकता है? विशेषज्ञों का मानना है कि आंखों का बार-बार फड़कना कोई ज्योतिषीय संकेत नहीं, बल्कि आपके शरीर में मौजूद पोषण की कमी हो सकता है. डॉ. सोनल बताती हैं कि, लगातार आंख फड़कना कई बार शरीर में कुछ खास विटामिन्स की कमी का संकेत हो सकता है. आइए जानते हैं इसका असली कारण क्या है और किन विटामिन्स की कमी आंख फड़कने की वजह बनती है. असली वजह क्या है? आंख फड़कने को मेडिकल भाषा में मायोकिमिया (Myokymia) कहा जाता है. यह एक प्रकार की मांसपेशियों की ऐंठन होती है, जो अक्सर आंख की पलकों में महसूस होती है. यह कुछ ही सेकंड से लेकर कुछ मिनटों तक चल सकती है. विटामिन की कमी से आंख क्यों फड़कती है? मैग्नीशियम की कमी आंख फड़कने का सबसे आम कारण मैग्नीशियम की कमी है. यह मिनरल मांसपेशियों को आराम देने और तंत्रिका तंत्र को...

SIP नही SIF से होगी पैसे की बारिश.... म्यूच्युअल फंड इंडस्ट्री में नया अध्याय, जानिए

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SIP नहीं SIF से होगी पैसों की बारिश, क्वांट ला रहा म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में नया अध्याय....। देश में पहली बार म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में Specialized Investment Fund (SIF) की शुरुआत हो रही है. क्वांट म्यूचुअल फंड अगस्त 2025 में QSIF Equity Long-Short Fund लॉन्च करने जा रहा है, जो ट्रेडिशनल फंड्स से अलग लॉन्ग और शॉर्ट दोनों पोजिशन लेकर रिटर्न कमाने की कोशिश करेगा. भारत की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है. क्वांट म्यूचुअल फंड देश का पहला स्पेशलाइज्ड इनवेस्टमेंट फंड (SIF) लॉन्च करने जा रहा है, जिसका नाम होगा QSIF Equity Long-Short Fund. यह फंड पारंपरिक म्यूचुअल फंड्स से बिल्कुल अलग होगा और इसमें लॉन्ग-शॉर्ट पोजिशन की मदद से मुनाफा कमाने की रणनीति अपनाई जाएगी. SEBI से मंजूरी मिल चुकी है और इसे अगस्त 2025 में लॉन्च किया जा सकता है. क्वांट म्यूचुअल फंड जल्द ही देश का पहला QSIF Equity Long-Short Fund लॉन्च करने वाला है, जो Specialized Investment Fund (SIF) फ्रेमवर्क के तहत आएगा. SEBI ने हाल ही में SIF को मंजूरी दी है, जो म्यूचुअल फंड और PMS के बीच की दूरी को पाटने ...

नाग पंचमी 2025

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🐍नागपंचमी 2025 पर विशेष   सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को नागपंचमी का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन 12 प्रमुख नागों की पूजा की जाती है जो कि सभी शिवजी के गण हैं। इनमें से भी 8 नाग प्रमुख हैं। इस बार नाग पंचमी का पर्व 29 जुलाई 2025 मंगलवार को मनाया जाएगा। अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्। शङ्ख पालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा॥ एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्। सायङ्काले पठेन्नित्यं प्रातःकाले विशेषतः। तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्॥   मन्त्र अर्थ- नौ नाग देवताओं के नाम अनन्त, वासुकी, शेष, पद्मनाभ, कम्बल, शङ्खपाल, धृतराष्ट्र, तक्षक तथा कालिया हैं। यदि प्रातःकाल नियमित रूप से इनका जप किया जाता है, तो नाग देवता आपको समस्त पापों से सुरक्षित रखेंगे तथा आपको जीवन में विजयी बनाएंगे।   शेष नाग:- इन नागों में सबसे बड़ा शेष नाग है जो कि श्रीहरि विष्‍णु की सेवा में रहते हैं। राम के भाई लक्ष्मण और श्रीकृष्ण के भाई बलराम दोनों ही शेषनाग के अवतार थे। इसके बाद वासुकि नाग का नाम आता है जो कि भगवान शिव की सेवा में लगे रहते हैं, और जिनकी बहन का नाम मनसा देवी है।...

लीवर नहीं रहेगा फैटी और बॉडी भी होगी डिटॉक्स..... जानिए कैसे ?

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न लिवर रहेगा फैटी और बॉडी भी होगी डिटॉक्स, बस रुटीन में लानी होंगी डॉक्टर की बताईं ये 3 आदतें लिवर हमें शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों मे से एक है, लेकिन हम इस पर ज्यादा ध्यान तब तक नहीं देते, जब तक हमें कोई बड़ी समस्या नहीं दिखती है. आइए आपको बताते हैं कि लिवर को कैसे सुरक्षित रखा जाए? हममें से ज्यादातर लोग लिवर के बारे में तब सोचते हैं जब इसमें कोई समस्या आ जाती है. जबकि यह हमारे शरीर का सबसे मेहनती अंग है. लिवर पाचन को दुरुस्त रखता है, खाने-पीने की चीजों को प्रोसेस करता है और शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है. आयुर्वेद में लिवर को और भी खास माना गया है. इसे रक्तवाह स्रोत से जोड़ा गया है, यानी यह न सिर्फ खून और पित्त के प्रवाह को नियंत्रित करता है, बल्कि इसका असंतुलन दिल, फेफड़े और पेट समेत कई अंगों को प्रभावित कर सकता है. AVP रिसर्च फाउंडेशन के चीफ साइंटिफिक ऑफिसर डॉ. सोमित कुमार के अनुसार, लिवर को स्वस्थ रखने के लिए बड़े बदलाव नहीं, बल्कि जीवन में छोटे-छोटे बदलाव जरूरी हैं. आयुर्वेद के अनुसार, लिवर का सीधा संबंध पित्त दोष से है, जो शरीर में गर्मी और पाचन को नियंत्रित करता है. ज्य...

बरसात के मौसम में खाइए काकोरा की सब्जी

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बरसात है तो ककोरा की सब्ज़ी खायें ककोरा की सब्जी  बरसात के मौसम में आती है औऱ यह जंगली सब्ज़ी  है,खुद पैदा होती है।इसकी खेती नहीं होती न खेती की जा सकती है।  इस कांटेदार दिखने वाली सब्जी को लोग आम बोलचाल की भाषा में ककोरा, कंटोला या ककोड़ा के नाम से जानते हैं. ककोरा की सब्जी को औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है और ये कई सेहत संबंधी समस्याओं को दूर करने में कारगर है. इस सब्जी को खाने के अलावा औषधी की तरह नुस्खों में भी इस्तेमाल किया जाता है. ककोरा को गुणों की खान माना गया है।  इसके न्यूट्रिएंट्स की बात करें तो इसमें प्रोटीन, विटामिन ए, सी, के, बी-1, बी-2, बी-3, बी-5, बी-6, विटामिन डी, और जिंक, कॉपर समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं.  ककोरा की सब्जी लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली सब्जी है इसलिए यह उन डायबिटिक लोगों के लिए फायदेमंद है, जिनका ब्लड शुगर हाई हो जाता है. इसके अलावा बीपी कंट्रोल करने में भी ककोरा की सब्जी कारगर मानी गई है. आज के वक्त में बच्चों से लेकर यंगस्टर्स और व्यस्क लोग भी बड़ी संख्या में मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं. यह एक लो कैलोरी सब्...

प्रकृति का चमत्कार.. अमरबेल लता

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अमरबेल अमर बेल एक पराश्रयी (दूसरों पर निर्भर) लता है, जो प्रकृति का चमत्कार ही कहा जा सकता है। बिना जड़ की यह बेल जिस वृक्ष पर फैलती है, अपना आहार उससे रस चूसने वाले सूत्र के माध्यम से प्राप्त कर लेती है। अमर बेल का रंग पीला और पत्ते बहुत ही बारीक तथा नहीं के बराबर होते हैं। अमर बेल पर सर्द ऋतु में कर्णफूल की तरह गुच्छों में सफेद फूल लगते हैं। बीज राई के समान हल्के पीले रंग के होते हैं। अमर बेल बसन्त ऋतु (जनवरी-फरवरी) और ग्रीष्म ऋतु (मई-जून) में बहुत बढ़ती है और शीतकाल में सूख जाती है। जिस पेड़ का यह सहारा लेती है, उसे सुखाने में कोई कसर बाकी नहीं रखती है। रंग : अमर बेल का रंग पीला होता है। स्वाद : इसका स्वाद चरपरा और कषैला होता है। स्वभाव : अमर बेल गर्म एवं रूखी प्रकृति की है। इस लता के सभी भागों का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है। मात्रा (खुराक) : अमर बेल को लभगभ 20 ग्राम की मात्रा में प्रयोग कर सकते हैं। गुण : आकाश बेल ग्राही, कड़वी, आंखों के रोगों को नाश करने वाली, आंखों की जलन को दूर करने वाली तथा पित्त कफ और आमवात को नाश करने वाली है। यह वीर्य को बढ़ाने वाली रसायन ...

नींद की कमी का दिमाग पर असर... आइए जानें।

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World Brain 🧠 Day 22 जुलाई 2025 पर विशेष रात की नींद हमारी सेहत के लिए बेहद जरूरी है। इस दौरान दिमाग भी खुद को आराम देता है, रिपेयर करता है और दिनभर की मेमोरी को स्टोर करता है। हालांकि आजकल की लाइफस्टाइल में लोग रात को देर तक जागते हैं । लेकिन क्या आप जानते हैं नींद की कमी सीधे तौर पर हमारे दिमाग को नुकसान (Sleep and Brain Health) पहुंचा सकती है? इसलिए ब्रेन हेल्थ डे (World Brain Day 2025) के मौके पर हमने डॉ. (प्रो.) कुनाल बहरानी ( क्लीनिकल डायरेक्टर- न्यूरोलॉजी, मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल फरीदाबाद) से यह जाना कि जब हम पूरी नींद नही लेते तो इसका हमारे दिमाग पर क्या असर पड़ता है। आइए जानें इस बारे में। 1: याददाश्त और सीखने की क्षमता पर असर नींद के दौरान हमारा दिमाग दिनभर की एक्टिविटीज और सीखी गई चीजों को ऑर्गेनाइज करता है। डीप स्लीप और REM स्लीप साइकिल के दौरान दिमाग नई जानकारी को लंबे समय तक याद रखने के लिए स्टोर करता है। अगर नींद पूरी नहीं होती, तो यह प्रक्रिया बाधित हो जाती है, जिससे याददाश्त कमजोर होने लगती है और नई चीजें सीखने में मुश्किल होती है। 2: फोकस करने और फैसले लेने की क्...