होली

चहक उठी है सृष्टि सलोनी मोहक सिर पर ताज़
महकती हवा के पंख लगाकर मन तो झूमें आज
आज देखकर  मनमोहन को  ये नयन शरमाये
मन के द्वार पर मुस्काये सजना बावरे आज
----- निरुपमा मिश्रा

Comments

Popular posts from this blog

सुखद भविष्य का अनुष्ठान... पितृपक्ष ।

शिव रात्रि पर्व पर विशेष...शिव-शक्ति से सीखिए बच्चों की परवरिश का सही तरीका।

Gen-Z क्या है ? इसे सोशल मीडिया की लत क्यों है? आइये जानते हैं...।