मित्रता

प्यार,स्नेह,ममता का भला कोई क्या मोल दूँ मैं
शब्दों से ऊपर जो, उसे कोई क्या बोल दूँ मैं
रिश्तों में दोस्ती है तो कायम दोस्ती से रिश्ते
साँसें हैं जिनसे,नाम कोई क्या अनमोल दूँ मैं
----- निरुपमा मिश्रा "नीरू"

Comments

Popular posts from this blog

शिव रात्रि पर्व पर विशेष...शिव-शक्ति से सीखिए बच्चों की परवरिश का सही तरीका।

डिप्रेशन की मानसिक समस्या से छुटकारा पाने की अनमोल टिप्स....आइये जानते हैं।

सुखद भविष्य का अनुष्ठान... पितृपक्ष ।