नववर्ष

कितनी सहजता से
तारीखों के
बदलते ही
कैलेंडर
बदल जाते ,
समय- परिस्थितियां
भी
बदल ही जाते,
माटी के तन
में एक मन
जो इन सबके बीच
समेटते- सहेजते
बनते- बिगड़ते
एक जैसा
कहां रहता,
बदलाव की प्रक्रिया में
सकारात्मक
सृजनात्मक
रहने के लिए
ज्ञान- विवेक
बनाये रखना
आसान तो नही,
जटिल जीवन की
शक्तिशाली मन की
सरलता- सहजता को
श्रेष्ठ दिशागत
प्रवाह की ओर
आइये मिलकर ले चलते
आशाओं-उम्मीदों से
नव वर्ष की ओर
साथ-साथ चलते
----- निरुपमा मिश्रा (नीरू)
नव वर्ष विक्रम संवत २०७३ की हार्दिक शुभकामनायें

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