हवाओं की खुशबू में है

जिसे खोजती रहीं निगाहें वो मेरे पहलू में है
आईना वही तो दिल का जो मेरी आरजू में है
मुस्कराने लगी ये कायनात देख अदायें उसकी
वो तो गुलशन की झूमती हवाओं की खुशबू में है
------ नीरु

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